बोतलबंद पानी यानी (पैकेज्ड वाटर) दुकान से  खरीदना हो तो पहला नाम आता है (Bisleri)

ये देश से बाहर नहीं जा रहा पर अब ये ब्रांड बिकने वाला है

कंपनी के मालिक  (Ramesh Chauhan) ने इसे अब बेचने का फैसला किया है

रमेश जी के खराब स्वास्थ्य के साथ ही बढ़ती उम्र ही कंपनी डील करने का एकमात्र कारण है

चौहान की बेटी और बिसलेरी की वाइस चेयरपर्सन Jayanti को भी इस बिज़नेस में ज्यादा दिलचस्पी नहीं है

फ़िलहाल अभी उनकी टाटा कंपनी से भी डील की बातचीत चल रही है

साल 1969 चौहान के पार्ले  ने बिसलेरी  लिमिटेड मात्र 4 लाख में  खरीद लिया था

 साल 1995 में इसकी कमान रमेश  चौहान जी के हाथों में  आयी थी

 इस कंपनी का Tata Group के साथ 6,000-7,000 करोड़ के सौदे में ये डील लगभग पूरी होने वाली है.

122 से अधिक ऑपरेशनल प्लांट देश भर में बिसलेरी के  हैं, भारत में  5,000 ट्रकों के साथ 4,500 का डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क है