यह साल फेसबुक की  टेक कंपनी मेटा (Meta) के लिए मुश्किल भरा साबित हुआ है

इन मुश्किलों की  वजह कंपनी के उसके  खुद के फैसले माने जा रहे है

 मेटा के द्वारा लिए गए कुछ गलत फैलसो ने कंपनी को 19.5 लाख करोड़ का नुकशान  करा दिया है

पहले फैसला मॉडल पर काम करने को मेटावर्स वर्जन पर ज्यादा पैसा लगाना

दूसरा भारी नुकशान 14 साल काम करने के बाद COO शेरिल सैंडबर्ग  का कंपनी छोड़ देना

 क्वार्टर 2 में इंस्टाग्राम पर रिकमंडेड कंटेंट को डबल करना ताकि वह टिकटॉक से रेस में आगे निकल सके

गस्त में मेटा का  AI चैटबॉट ब्लेंडरबॉट 3 की शुरुआत करना और बाद में इसका  एंटी-सेमिटिक साबित होना

मेटावर्स बनाने में फेसबुक का नाम बदलकर मेटा करना और  होराइजन वर्ल्ड्स की शुरुआत करना

 कैप्चर तकनीक से हासिल की गयी अवतार में परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहना और डेमो फेल होना

यह  6 फैसले मेटा को भरी नुकशान की तरफ इस साल के गए और ये सब दु:स्वप्न साबित हुए